Top 10 Cricket Facts in Hindi | क्रिकेट के अनसुने किस्से

Cricket Facts in Hindi

Top 10 Cricket Facts in Hindi | क्रिकेट के अनसुने किस्से

Cricket Facts in Hindi: क्रिकेट विश्व मे एक तेजी से लोकप्रियता बटोरता हुआ रोमांचक खेल है। और इस खेल के कुछ ऐसे अनसुने और रसप्रद तथ्य है जो की हर क्रिकेट चाहकों को जानना बेहद जरूरी है, तो आइए आपको रूबरू कराते है उन अनसुने क्रिकेट तथ्यो से।

Table of Contents

Cricket Facts in Hindi

1. कपिल देव चोट के कारण एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं चुके।

1983 विश्वकप विजेता भारतीय टिम के कप्तान कपिल देव ने अपने पूरे करियर मे एक भी मैच चोट के कारण नहीं चुका है। कपिल देव भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑल राउंडर है, बेशक कपिल देव कई मौको पर ड्रॉप होने के कारण मैच चुके है लेकिन चोट के चलते यह महान भारतीय खिलाड़ी एक भी मैच नहीं चुका।

यह एक अविश्वसनीय उपलब्धि है की एक तेज़ गेंदबाज अपने 16 सालो से अधिक समय के करियर मे लगातार खेलते हुए 600 से अधिक विकेट लिए हो और एक मैच भी चोट के कारण छोड़ा न हो। उस समय फ़िटनेस पर उतना ज़ोर भी नही दिया जाता था जितना की आज के समय मे दिया जाता है।

2. शाहिद अफरीदी ने सचिन तेंदुलकर के बल्ले से बनाया सबसे तेज़ शतक।

यह बात है 1996 की जब पाकिस्तान बनाम श्रीलंका का मैच चल रहा था, और इस मैच के दौरान युवा शाहिद अफरीदी के पास उचित बल्ला नही था। तब वकार यूनिस ने शाहिद अफरीदी को सचिन तेंदुलकर का बल्ला दिया, और उस दिन एक इतिहास बन गया। शाहिद अफरीदी ने उस मैच मे श्रीलंका के खिलाफ मात्र 37 गेंदो मे शतक ठोक दिया। अफरीदी की इस पारी मे 11 छक्के और 6 चौके शामिल थे। शाहिद अफरीदी का यह रिकॉर्ड 18 वर्षो तक कायम रहा। 2014 मे न्यूजिलेंड के कोरी एंडरसन ने 36 गेंदो मे और 2015 मे दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स ने 31 गेंदो मे शतक बनाकर यह रिकॉर्ड तोड़ा।

3. श्रीलंका ने आज तक ऑस्ट्रेलियाई धरती पर एक भी टेस्ट मैच नही जीता।

श्रीलंका एक समय पर कुमार संगाकारा, सनथ जयसूर्या, महेला जयवर्धने और मुथईया मुरलीधरन जैसे महान खिलाड़ियो से सनी एक मजबूत टिम थी। लेकिन यह जानकार हैरानी होती है की श्रीलंका ने आज तक ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया मे टेस्ट मैच मे कभी नहीं हराया। और वैसे ऑस्ट्रेलियाई टिम भी पहले से लेकर आज तक हमेशा से मजबूत रही है और ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया मे हराना कोई आसान बात नहीं है।

4. बापू नाड्कर्णी ने एक ही मैच मे लगातार 131 डॉट गेंदे डाली थी।

टेस्ट क्रिकेट पाँच दिनो तक चलने वाला और सब्र का खेल है, लेकिन भारत के बाए हाथ के स्पिनर बापू नाड्कर्णी ने 1963 मे इंगलेंड के खिलाफ एक ही मैच मे लगातार 131 डॉट गेंदे और 27 मैडन ओवर डालकर कुछ अलग ही स्तर की गेंदबाजी का प्रदर्शन किया था। जो की आज भी एक विश्व रिकॉर्ड है।

5. 2011 विश्वकप मे भारत विश्वकप जीतने वाली पहली मेजबान टिम बनी।

2011 विश्वकप भारत जीता था और मेजबानी करते हुए घरेलू धरती पर विश्वकप जीतने वाली भारत पहली टिम थी। हालाकी उसके बाद लगातार दो विश्वकप मे ऐसा हुआ जहा मेजबान टिम ने विश्वकप जीता हो। 2015 मे ऑस्ट्रेलिया और 2019 मे इंगलेंड की टिम भी मेजबानी करते हुए विश्वविजेता बनने वाली दो टीमे बन गई।

6. एलेक स्टीवर्ट का जन्म 8-4-1963 को हुआ था और उन्होंने 8463 टेस्ट रन बनाए।

एक खिलाड़ी क्रिकेट के खेल मे कितने रन बनाएगा ये तो उस खिलाड़ी की काबिलियत पर ही निर्भर करता है, लेकिन इंगलेंड के एलेक स्टीवर्ट के साथ एक अविश्वसनीय संयोग हुआ। एलेक स्टीवर्ट का जन्म 8 अप्रैल 1963 को यानि 8-4-1963 को हुआ था और इस खिलाड़ी ने अपने टेस्ट करियर मे 8463 रन बनाए। ये एक चमत्कारिक संयोग है जहा पर एक खिलाड़ी ने उतने ही टेस्ट रन बनाए जितनी उनकी जन्मतिथि थी। ­­­

­7. सनथ जयसूर्या ने शेन वॉर्न से अधिक एकदिवसीय विकेट ली है।

यह सच है की श्रीलंका के महान खिलाड़ी सनथ जयसूर्या ने ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज शेन वॉर्न की तुलना मे ज्यादा एकदिवसीय विकेट ली है। श्रीलंका के इस महान खिलाड़ी ने अपने बाए हाथ के स्पिन के साथ 323 विकेट ली है जब की शेन वॉर्न ने अपने एकदिवसीय करियर मे कुल मिलाकर 293 विकेट ली थी।

8. चार ऐसे खिलाड़ी जिनहोने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मे दसो स्थान पर बल्लेबाज़ी की हो।

क्रिकेट के खेल मे बल्लेबाज़ी के वर्ग मे हर बल्लेबाज़ के लिए उनकी बैटिंग की पोजीशन बहुत ही मायने रखती है, और विश्व क्रिकेट के इतिहास मे मात्र चार ही ऐसे खिलाड़ी है जिनहोने अपनी टिम के लिए बल्लेबाज़ी करते हुए दसो स्थान पर खेला हो। और इन खिलाड़ियो मे साउथ अफ्रीका के लांस क्लूजनर, पाकिस्तान के अब्दुल रजाक और शोएब मालिक, श्रीलंका के हसन तिलकरत्ने शामिल है।

9. भारत एक मात्र ऐसा देश है जिसने क्रिकेट मे 60 ओवर, 50 ओवर और 20 ओवर का ऐसे तीनों विश्व कप जीते है।

क्रिकेट प्रेमीयो यह बात अच्छी तरह से जानते होंगे की पहले एकदिवसीय क्रिकेट मे 50 नहीं बल्कि 60 ओवर हुआ करती थी। भारत ने 1983 मे जब एकदिवसीय क्रिकेट मे 60 ओवर का खेल हुआ करता था तब वेस्ट इंडीज की हराकर विश्व कप जीता था। 2011 मे जब एकदिवसीय क्रिकेट 50 ओवर का कर दिया गया था तब श्रीलंका को हराकर भारत ने दुसर एकदिवसीय विश्वकप जीता। 2007 मे जब पहली बार 20 ओवरो के खेल के रूप मे T-20 प्रारूप मे विश्व कप खेला गया वह पर फ़ाइनल मे पाकिस्तान को हराकर भारत ने इस विश्वकप पर भी अपना कब्जा जमाया। ऐसे 60, 50 और 20 ओवरो के खेल मे विश्वकप जीतने वाली भारत विश्व की एक मात्र टिम है।

10. दस दिन का TEST

आज के समय मे जहा पर अंतरराष्ट्रीय टेस्ट को चार दिनो का करने पर विचार किया जा रहा है, वही टेस्ट एक समय पर मैच का परिणाम न आने तक अनंत रूप मे खेला जाता था। ऐसा ही एक मैच 1939 मे हुआ, जहा दक्षिण अफ्रीका और इंगलेंड के बीच टेस्ट खेला गया था। जो की पूरे 10 दिन चला था। इस मैच मे इंगलेंड 696 रनो का पीछा कर रहा था, उस समय इंगलेंड 654-5 के स्कोर पर था।

लेकिन उस समय उस जहाज के कप्तान जो की इंगलेंड की टिम को वापिस घर ले जाने वाले थे, उन्होने ओर इंतज़ार करने से मना कर दिया, और एक समजौते के साथ इस मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया गया। अजीब बात तो ये है की उस व्यक्ति की वजह से जो की किसी भी तरह से मैच का हिस्सा नहीं था उसकी वजह से खेल का नतीजा नही आया।

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